रविवार 13 सितंबर 2026 - 19:42
मौलाना यासूब अब्बास की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात, भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना मिर्ज़ा यासूब अब्बास ने नई दिल्ली में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पिज़िश्कियान से मुलाकात की और भारत तथा ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना मिर्ज़ा यासूब अब्बास ने नई दिल्ली में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूदिपिज़ेश्कियान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत और ईरान के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मौलाना यासूब अब्बास ने भारतीय शिया समुदाय की ओर से ईरानी राष्ट्रपति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डॉ. पिज़िश्कियान की भारत यात्रा दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ, दोस्ती और सहयोग को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति को एक पत्र भी सौंपा। पत्र में भारत और ईरान के संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया और ईरान पर हुए हमलों की निंदा की गई।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, शैक्षिक, आध्यात्मिक और व्यापारिक संबंध हैं। शिक्षा, व्यापार, संस्कृति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और परिवहन सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर इन संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।

मुलाकात के दौरान पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और जारी तनाव पर भी चिंता व्यक्त की गई। मौलाना यासूब अब्बास ने युद्ध और हिंसा को तुरंत कम करने तथा विवादों को बातचीत के माध्यम से हल करने पर जोर दिया।

उन्होंने आम नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों और शिक्षकों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की जान की रक्षा हर स्थिति में प्राथमिकता होनी चाहिए।

मौलाना यासूब अब्बास ने आतंकवाद, कट्टरपंथ और हर प्रकार की हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि भारतीय जनता और शिया समुदाय शांति, न्याय, बातचीत और मानवीय मूल्यों का समर्थन करता है।

उन्होंने ईरान के लिए शांति, विकास और पुनर्निर्माण की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंध भविष्य में और मजबूत होंगे।

मौलाना यासूब अब्बास की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात, भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर

मौलाना यासूब अब्बास की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात, भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर

मौलाना यासूब अब्बास की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात, भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha

टिप्पणियाँ

  • संतोष कुमार IN 06:02 - 2026/09/16
    भविष्य वर्तमान और इतिहास के मसले पर ईरान के साथ हमारे संबंध खट्टे ही ज्यादा रहे हैं। मुगल दौर में ईरान ने हुमायु को सहयोग किया। बाद में कंधार पर अधिकार रखने को लेकर लगातार संघर्ष चला। शाहजहाँ के दौर में कंधार स्लेथाई रूप से ईरान का हिस्सा बना। लेकिन इसके 140 साल बाद नादिरशाह ने कत्लेआम और लूट का इतिहास बना दिया। केवल शिया मुस्लिमों के जुड़ाव की वजह से ईरान से संबंधों को ऐतिहासिक रूप से अच्छा नहीं कहा जा सकता। आधुनिक युग में देशों के बीच संबंध व्यापारिक अधिक हैं। इसलिए हम उनसे क्रूड लेते हैं और वे हमसे दवायें, इंजीनियरिंग सामान और अनाज लेते हैं। इफ रूप में पिछले 80 बर्षों में संबंध ठीक ठाक हैं।